“इश्क़ तो किया था...” प्रेम, यादों, बिछड़ने और दिल में रह जाने वाले अधूरे एहसासों को शब्दों में संजोने वाला एक भावपूर्ण संग्रह है। प्रेम का अनुभव केवल खुशी तक सीमित नहीं होता। इसमें अपनापन, प्रतीक्षा, उम्मीद, दूरी और कभी-कभी एक ऐसी खामोशी भी शामिल होती है, जिसे व्यक्त करना आसान नहीं होता। इस पुस्तक की रचनाएँ इन्हीं संवेदनशील भावों को सहज और आत्मीय शैली में सामने लाती हैं।
संग्रह में शायरी, गीत, ग़ज़ल और कविताओं के माध्यम से रिश्तों के अलग-अलग रंगों को प्रस्तुत किया गया है। कहीं मोहब्बत की मिठास दिखाई देती है, तो कहीं जुदाई की कसक और बीते पलों की यादें मन को छूती हैं। सरल भाषा और स्वाभाविक अभिव्यक्ति के कारण पाठक इन रचनाओं से आसानी से जुड़ पाते हैं और कई पंक्तियों में अपने ही अनुभवों की झलक महसूस कर सकते हैं।
लेखक Sachin Sagar ने भावनाओं को बिना अनावश्यक जटिलता के सीधे और प्रभावी शब्दों में व्यक्त किया है। प्रेम, शायरी, ग़ज़ल और भावनात्मक हिंदी साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए यह संग्रह एक सुंदर और पठनीय कृति है।
| Author Name | Sachin Sagar |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 136 |
| Category | Poetry & Drama |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |