“खत्म होती हैं कथाएँ ऐसे ही” जीवन, स्मृतियों और बदलते रिश्तों से जुड़ी भावनाओं को काव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करने वाली पुस्तक है। जीवन की अनेक कथाएँ स्पष्ट अंत के साथ समाप्त नहीं होतीं। कुछ अनुभव स्मृतियों में रह जाते हैं, कुछ संबंध समय के साथ बदल जाते हैं और कुछ प्रश्न मन के भीतर लंबे समय तक बने रहते हैं। यह पुस्तक इन्हीं संवेदनशील पक्षों को सहज अभिव्यक्ति देती है।
संग्रह में भावनाओं की गहराई, आत्मचिंतन और मानवीय संबंधों की जटिलताओं को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। कविताएँ पाठकों को अपने निजी अनुभवों, स्मृतियों और जीवन के बदलते पड़ावों से जुड़ने का अवसर देती हैं। पुस्तक की अभिव्यक्ति उन क्षणों पर विचार करने की प्रेरणा देती है, जिन्हें अक्सर शब्दों में कहना कठिन होता है, लेकिन जो मन पर गहरा प्रभाव छोड़ते हैं।
लेखक Kaushal Mishra ने “खत्म होती हैं कथाएँ ऐसे ही” के माध्यम से जीवन और रिश्तों से जुड़ी संवेदनाओं को सहज एवं विचारपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक हिंदी कविता, भावनात्मक रचनाओं और आत्मचिंतन से जुड़े साहित्य में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयुक्त है। सरल प्रस्तुति के कारण पाठक इन कविताओं से सहज रूप से जुड़ सकते हैं।
| Author Name | Kaushal Mishra |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 136 |
| Category | Poetry & Drama |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |