“बेइंतहा प्यार” प्रेम, मिलन, पीड़ा और विरह से जुड़ी भावनाओं को काव्यात्मक स्वरूप में प्रस्तुत करने वाली पुस्तक है। प्रेम केवल सुखद अनुभूतियों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसमें प्रतीक्षा, स्मृतियाँ, दूरी और मन की बेचैनी भी शामिल होती है। यह पुस्तक इन्हीं भावनात्मक पक्षों को सरल और संवेदनशील अभिव्यक्ति के माध्यम से पाठकों के सामने लाती है।
संग्रह में प्रेम के अलग-अलग रंगों को महसूस करने का अवसर मिलता है। कहीं मिलन की खुशी दिखाई देती है, तो कहीं विरह की कसक और अधूरेपन का एहसास उभरता है। कविताएँ पाठकों को अपने निजी अनुभवों और भावनाओं से जुड़ने की जगह देती हैं। सहज भाषा के कारण पुस्तक उन पाठकों के लिए भी पठनीय है, जो जटिल शब्दों के बजाय सीधे और भावपूर्ण काव्य को पसंद करते हैं।
लेखक Atul Singh ने “बेइंतहा प्यार” के माध्यम से प्रेम से जुड़ी संवेदनाओं को सरल और आत्मीय रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक हिंदी कविता, प्रेम-काव्य और भावनात्मक रचनाओं में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयुक्त है। प्रेम के सुख, पीड़ा और विरह को महसूस करने वाले पाठक इस संग्रह से सहज जुड़ाव अनुभव कर सकते हैं।
| Author Name | Atul Singh |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 122 |
| Category | Poetry & Drama |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |