“तुम्हारे लौटने तक” प्रेम, प्रतीक्षा और विरह की भावनाओं को केंद्र में रखने वाली एक संवेदनशील हिंदी कृति है। किसी अपने के लौटने की उम्मीद कई बार जीवन को आगे बढ़ाने का सहारा बन जाती है। यह पुस्तक उसी भावनात्मक संसार को सामने लाती है, जहाँ स्मृतियाँ, अधूरे संवाद और मन की प्रतीक्षा कहानी को गहराई देते हैं।
पुस्तक में रिश्तों की कोमलता, दूरी की पीड़ा और प्रेम से जुड़ी आंतरिक उलझनों को सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। जीवन में कुछ संबंध ऐसे होते हैं, जो समय और दूरी के बाद भी मन के भीतर बने रहते हैं। यह कृति पाठकों को उन भावनाओं से जोड़ती है, जिन्हें महसूस तो किया जाता है, लेकिन शब्दों में कह पाना हमेशा आसान नहीं होता।
लेखक Harsh Pal ने “तुम्हारे लौटने तक” के माध्यम से प्रेम और प्रतीक्षा से जुड़े भावों को भावनात्मक कथा रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए उपयुक्त है, जो रोमांटिक fiction, विरह, रिश्तों और मन की संवेदनाओं से जुड़ी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं। सरल प्रस्तुति इसे सहज और भावपूर्ण पाठ बनाती है।
| Author Name | Harsh Pal |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 246 |
| Category | Fiction |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |