“पत्रकारिता: एक सामाजिक विज्ञान” पत्रकारिता की प्रकृति, जिम्मेदारी और समाज में उसकी भूमिका को समझने की दिशा में लिखी गई एक उपयोगी पुस्तक है। पत्रकारिता केवल समाचारों के संकलन और प्रसारण तक सीमित नहीं है। यह समाज की घटनाओं, विचारों, समस्याओं और बदलती परिस्थितियों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। मीडिया के माध्यम से ही अनेक विषय व्यापक जनसमूह तक पहुँचते हैं और जनमत निर्माण की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।
यह पुस्तक पत्रकारिता को एक सामाजिक विज्ञान के रूप में देखने का अवसर देती है। इसमें जनसंचार, सामाजिक उत्तरदायित्व, सूचना के महत्व, लोकतांत्रिक व्यवस्था और मीडिया की प्रभावशाली भूमिका जैसे विषयों को समझने का प्रयास किया गया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में निष्पक्षता, विश्वसनीयता और संवेदनशीलता का विशेष महत्व होता है। पुस्तक इन बिंदुओं पर विचार करने के लिए पाठकों को प्रेरित करती है।
लेखक Chandrashekhar ने विषय को सरल और स्पष्ट शैली में प्रस्तुत किया है। पत्रकारिता, जनसंचार, मीडिया अध्ययन और सामाजिक विषयों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी है।
| Author Name | Chandrashekhar |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 495 |
| Category | Non-Fiction |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |