“खूँटे में मेरी दाल” लोक कथा श्रृंखला की एक रोचक बाल पुस्तक है, जो बच्चों को लोक कथाओं की सरल, मनोरंजक और कल्पनाशील दुनिया से परिचित कराती है। लोक कथाएँ पीढ़ियों से बच्चों और बड़ों को समान रूप से आकर्षित करती रही हैं, क्योंकि उनमें सहज भाषा, रोचक पात्र और जीवन से जुड़ी छोटी-छोटी सीख छिपी होती है। यह पुस्तक इसी परंपरा को बाल पाठकों के सामने सरल रूप में प्रस्तुत करती है।
पुस्तक में कहानी के माध्यम से बच्चों के मन में जिज्ञासा, कल्पना और पढ़ने की रुचि विकसित करने का प्रयास किया गया है। लोक कथाओं की खूबी यह होती है कि वे मनोरंजन के साथ-साथ व्यवहार, समझदारी और जीवन के छोटे अनुभवों को भी सहज ढंग से सामने लाती हैं। सरल भाषा और बाल-सुलभ प्रस्तुति के कारण यह पुस्तक बच्चों के लिए पढ़ने में सहज और आनंददायक बनती है।
लेखिका Dr. Aruna Pathak ने “खूँटे में मेरी दाल” के माध्यम से लोक कथाओं की आत्मीयता को बच्चों तक पहुँचाने का प्रयास किया है। यह पुस्तक बाल साहित्य, लोक कथाओं और सरल हिंदी कहानियों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उपयुक्त है। घर और विद्यालय दोनों जगह बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए यह उपयोगी पुस्तक हो सकती है।
| Author Name | Dr. Aruna Pathak |
| Publisher | True Sign Publishing House |
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| Category | Children's Books |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |