“जनसंचार: फ़िल्मी गीतों में रचनात्मकता” हिंदी फ़िल्मी गीतों की भाषा, अभिव्यक्ति और सामाजिक प्रभाव को समझने की दिशा में लिखी गई एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। फ़िल्मी गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं होते, बल्कि वे अपने समय की भावनाओं, सामाजिक परिस्थितियों, सांस्कृतिक प्रवृत्तियों और जनमानस की संवेदनाओं को भी अभिव्यक्त करते हैं। यही कारण है कि अनेक गीत पीढ़ियों तक लोगों की स्मृतियों में बने रहते हैं।
यह पुस्तक जनसंचार के व्यापक संदर्भ में फ़िल्मी गीतों की रचनात्मकता का अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें गीतों की भाषा, भाव-संरचना, लोकप्रियता और श्रोताओं पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे पक्षों को समझने का प्रयास किया गया है। सरल शब्दों और प्रभावी अभिव्यक्ति के माध्यम से फ़िल्मी गीत किस प्रकार व्यापक समाज तक पहुँचते हैं, यह विषय पुस्तक को विशेष रूप से उपयोगी बनाता है।
लेखक Dr. Hisamuddin Faruqi ने फ़िल्म, साहित्य और जनसंचार के आपसी संबंधों को गंभीरता से प्रस्तुत किया है। हिंदी साहित्य, मीडिया अध्ययन, सिनेमा, गीत-संगीत और शोधपरक लेखन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा सामान्य पाठकों के लिए यह पुस्तक उपयोगी और पठनीय है।
| Author Name | Dr. Hisamuddin Faruqi |
| Publisher | True Sign Publishing House |
| Pages | 220 |
| Category | Language & Literature |
| Language | Hindi |
| Text Color | Black & White |
| Dimensions | 5 x 8 inch |